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(ii) उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम (ईएसडीपी):- संभावित उद्यमियों,विद्यमान कार्यबल के कौशल के उन्नयन के लिए बृहत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं तथा सूक्ष्म लघु उद्यमों के नए कर्मचारियों और तकनीशियनों के कौशल का विकास करने के लिए विभिन्न तकनीकी सह कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिससे उनके कौशल उन्नयन के लिए उन्हें प्रशिक्षण देने तथा उत्पादन के बेहतर और संशोधित प्रौद्योगिकीय कौशल से उन्हें सुसज्जित करने के मूल उद्देश्य को प्राप्त किया जा सके । राज्यों के विभिन्न क्षेत्रों सहित अल्प विकसित क्षेत्रों में सामाजिक रूप से वंचित(अन्य पिछड़ावर्ग,अनुसूचित जाति,जनजाति,अल्पसंख्यकों तथा महिलाओं)के वर्गों के कौशल विकास के लिए विशिष्ट रूप से तैयार कार्यक्रम चलाए जाते हैं । यह कार्यक्रम 60 विधाओं में प्रशिक्षण को कवर करता है। अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें (iii) व्यवसाय कौशल विकास कार्यक्रम (बीएसडीपी):- चयनित बिजनेस स्कूलों/तकनीकी संस्थानों आदि के माध्यम से नए उद्यमियों के लिए बिजनेस कौशल विकास कार्यक्रम नामक विशेष रूप से तैयार पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं । यह कार्यक्रम मुख्यत: बिजनेस स्कूलों/तकनीकी संस्थानों के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को सूक्ष्म अथवा लघु उद्यम का स्व-रोजगार वेंचर प्रारंभ करने को प्रोत्साहित करने तथा रोजगार सृजन में लगे रहने के लिए तैयार किया गया है । अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें (vi) प्रबंधन विकास कार्यक्रम (बीएसडीपी):- मैंनेजमेंट प्रैक्टिस सिस्टम संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करने का उद्देश्य विद्यमान और संभावित उद्यमियों की निर्णय लेने की क्षमता में सुधार करना है जिसके परिणामस्वरूप उत्पादकता और लाभ में वृद्धि हो । अल्पावधि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहभागियों को प्रबंधकीय कार्य के अनेक विषयों के संबंध में इनपुट दिए जाते हैं । इस कार्यक्रम में 60 विधाओं में प्रशिक्षण कवर किया जाता है । ये कार्यक्रम अल्पावधिक कार्यक्रम हैं तथा यह पाठ्यक्रम उद्योग की आवश्यकताओं के आधार पर तैयार किया जाता है और जब कभी उपभोक्ता द्वारा अपेक्षित हो,कस्टमाइज किया जाता है । लक्षित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से 20 विशेष रूप से केवल समाज के कमजोर वर्गों(अनुसूचित जाति, जनजाति, महिलाओं/शारीरिक रूप से विकलांगों) के लिए आयोजित किए जाते हैं और इसके लिए उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाता है । इसके अलावा,500/- रूपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति दी जाती है । वर्ष 2008-09 के दौरान,2400 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए थे और लगभग 60,000 व्यक्ति प्रशिक्षित किए गए थे । अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें (v) औद्योगिक प्रेरक अभियान(आईएमसी):- ऐसे पारंपरिक/गैर-पारंपरिक संभावित उद्यमियों जिनमें सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों की स्थापना की क्षमता हो- का पता लगाने और उन्हें रोजगार के लिए प्रेरित करने के लिए औद्योगिक प्रेरक अभियान (1 अथवा 2 दिवसीय) आयोजित किए जाते हैं । अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें (vi) व्यावसायिक और शैक्षणिक प्रशिक्षण:- मंत्रालय के क्षेत्रीय परीक्षण केंद्र,फील्ड परीक्षण स्टेशन और स्वायत्तशासी निकाय जैसे टूल रूम ओर प्रौद्योगिकी विकास केंद्र (टीडीसी) ट्रेड/विषय-विशेश तथा उद्योग विशेष से संबंधित तैयार दीर्घावधिक,अल्पावधिक पाठ्यक्रम और व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते हैं । अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
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