उद्यमिता एवं कौशल विकास


     विकास आयुक्‍त (सू.ल.म.उ.) का कार्यालय काफी संख्‍या में व्‍यावसायिक और उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित करता है । उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी)  विकास संस्‍थानों के माध्‍यम से आयोजित किए जाते हैं जिसमें उद्यमिता कौशल विकास के साथ ही  इलेक्‍ट्रोनिक्‍स,इलेक्‍ट्रिकल,खाद्य प्रसंस्‍करण आदि जैसेव्‍यवसायों से संबंधित ऐसे विशिष्‍ट  कौशल जो प्रशिक्षणार्थियों को अपना स्‍वयं का उद्यम प्रारंभ करने में सक्षम बनाते हैं, पर फोकस किया जाता है । इन कार्यक्रमों में निम्‍नलिखित शामिल हैं-

i.         उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी):-

 सूक्ष्‍म एवं लघु उद्यमों की स्‍थापना के लिए अपेक्षित औद्योगिक गतिविधियों के विभिन्‍न पहलुओं के संबंध में जानकारी देकर युवाओं की प्रतिभा को पोषित करने के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं । उद्यमिता विकास कार्यक्रम सामान्‍यत आईटीआई, पालिटैक्‍निक तथा उन अन्‍य तकनीकी संस्‍थानों में आयोजित किए जाते हैं जिनमें उन्‍हें स्‍व-रोजगार के लिए प्रेरित करने वाला कौशल उपलब्‍ध हो । ऐसे उद्यमिता विकास कार्यक्रमों की पाठ्य सामग्री उत्‍पाद/प्रोसेस डिजायन,विनिर्माण प्रथाओ,उपयुक्‍त मशीनरी तथा उपकरणों का बचत और उपयोग, परियोजना की रूपरेखा तैयार करना, विपणन अवसर/तकनीक, उत्‍पाद/सेवा मूल्‍य, निर्यात अवसर, उपलब्‍ध अवसंरचना सुविधाओं, नकद प्रवाह आदि के संबंध में उपयोगी जानकारी प्रदान करने के लिए तैयार की जाती है ।

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 "उद्यमिता विकास कार्यक्रम"योजना के दिशानिर्देश

(ii) उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम (ईएसडीपी):-

 संभावित उद्यमियों,विद्यमान कार्यबल के कौशल के उन्‍नयन के लिए बृहत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं तथा सूक्ष्‍म लघु उद्यमों के नए कर्मचारियों और तकनीशियनों के कौशल का विकास करने के लिए विभिन्‍न तकनीकी सह कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिससे उनके कौशल उन्‍नयन के लिए उन्‍हें प्रशिक्षण देने तथा उत्‍पादन के बेहतर और संशोधित प्रौद्योगिकीय कौशल से उन्‍हें सुसज्‍जित करने के मूल उद्देश्‍य को प्राप्‍त किया जा सके । राज्‍यों के विभिन्‍न क्षेत्रों सहित अल्‍प विकसित क्षेत्रों में सामाजिक रूप से वंचित(अन्‍य पिछड़ावर्ग,अनुसूचित जाति,जनजाति,अल्‍पसंख्‍यकों तथा महिलाओं)के वर्गों के कौशल विकास के लिए विशिष्‍ट रूप से तैयार कार्यक्रम चलाए जाते हैं । यह कार्यक्रम 60 विधाओं में प्रशिक्षण को कवर करता है।

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(iii) व्‍यवसाय कौशल विकास कार्यक्रम (बीएसडीपी):-

   चयनित बिजनेस स्‍कूलों/तकनीकी संस्‍थानों आदि के माध्‍यम से नए उद्यमियों के लिए बिजनेस कौशल विकास कार्यक्रम नामक विशेष रूप से तैयार पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं । यह कार्यक्रम मुख्‍यत: बिजनेस स्‍कूलों/तकनीकी संस्‍थानों के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को सूक्ष्‍म अथवा लघु उद्यम का स्‍व-रोजगार वेंचर प्रारंभ करने को प्रोत्‍साहित करने तथा रोजगार सृजन में लगे रहने के लिए तैयार किया गया है ।

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(vi) प्रबंधन विकास कार्यक्रम (बीएसडीपी):-

मैंनेजमेंट प्रैक्‍टिस सिस्‍टम संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करने का उद्देश्‍य विद्यमान और संभावित उद्यमियों की निर्णय लेने की क्षमता में सुधार करना है जिसके परिणामस्‍वरूप उत्‍पादकता और लाभ में वृद्धि हो । अल्‍पावधि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहभागियों को प्रबंधकीय कार्य के अनेक विषयों के संबंध में इनपुट दिए जाते हैं । इस कार्यक्रम में 60 विधाओं में प्रशिक्षण कवर किया जाता है । ये कार्यक्रम अल्‍पावधिक कार्यक्रम हैं तथा यह पाठ्यक्रम उद्योग की आवश्‍यकताओं के आधार पर तैयार किया जाता है और जब कभी उपभोक्‍ता द्वारा अपेक्षित हो,कस्‍टमाइज किया जाता है । लक्षित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से 20 विशेष रूप से केवल समाज के कमजोर वर्गों(अनुसूचित जाति, जनजाति, महिलाओं/शारीरिक रूप से विकलांगों) के लिए आयोजित किए जाते हैं और इसके लिए उनसे कोई शुल्‍क नहीं लिया जाता है । इसके अलावा,500/- रूपये प्रतिमाह की छात्रवृत्‍ति दी जाती है । वर्ष 2008-09 के दौरान,2400 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए थे और लगभग 60,000 व्‍यक्‍ति प्रशिक्षित किए गए थे ।

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(v) औद्योगिक प्रेरक अभियान(आईएमसी):-

ऐसे पारंपरिक/गैर-पारंपरिक संभावित उद्यमियों जिनमें सूक्ष्‍म एवं लघु उद्यमों की स्‍थापना की क्षमता हो- का पता लगाने और उन्‍हें रोजगार के लिए प्रेरित करने के लिए औद्योगिक प्रेरक अभियान (1 अथवा 2 दिवसीय) आयोजित किए जाते हैं ।

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(vi) व्‍यावसायिक और शैक्षणिक प्रशिक्षण:-

  मंत्रालय के क्षेत्रीय परीक्षण केंद्र,फील्‍ड परीक्षण स्‍टेशन और स्‍वायत्‍तशासी निकाय जैसे टूल रूम ओर प्रौद्योगिकी विकास केंद्र (टीडीसी) ट्रेड/विषय-विशेश तथा उद्योग विशेष से संबंधित तैयार दीर्घावधिक,अल्‍पावधिक पाठ्यक्रम और व्‍यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते हैं ।

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प्रशिक्षण कलैण्‍डर

सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम-विकास संस्‍थान में प्रशिक्षण

स्‍वायत्‍तशासी निकाय में प्रशिक्षण