विपणन सहायता


     विपणन किसी उद्यम की सफलता की कुंजी है और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के संबंध में अधिक प्रासंगिक है। इस क्षेत्र की विशेषता बाजार में मजबूत ब्रांड उपस्थिति और बड़े उद्यमों के विपरीत बड़े पैमाने पर विपणन तंत्र का भी अभाव है। संसाधन की सीमितताओं के कारण, विदेशी बाजार तक पहुंच उनकी क्षमता से बाहर होता है।

     यह कार्यालय विभिन्न योजनाओं का कार्यान्वयन कर रहा है जिनका उद्देश्य बाजार में एमएसएमई क्षेत्र के उत्पादों को बेहतर प्रतिस्पर्धी लाभ प्रदान करना है। विपणन सहायता के उद्देश्यों को मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रकार से संक्षेप में बताया जा सकता है:

विदेशी बाजारों का लाभ उठाने और उन्हें विकसित करने के प्रयासों में लघु एवं सूक्ष्म निर्यातकों को प्रोत्साहित करना।

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों/प्रदर्शनियों में एमएसएमई इंडिया स्टॉल के तहत लघु/सूक्ष्म विनिर्माण उद्यमों के प्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाना।

लघु/सूक्ष्म विनिर्माण उद्यमों से निर्यात को बढ़ाना।

बड़े पैमाने पर बार कोडिंग के अंगीकरण को लोकप्रिय बनाना।

योजनाओं के नाम

सूक्ष्म व लघु उद्यमों के लिए सरकारी खरीद एवं मूल्य वरीयता नीति।

एसएसआई-एमडीए

>>  अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों/मेलों में भागीदारी।

>>  बार कोड संबंधी वित्तीय सहायता।

अनुषंगीकरण के लिए विक्रेता विकास कार्यक्रम।